प्राचार्य की कलम से...............

शिक्षाशास्त्रियों की नजर में शिक्षा एक विचार, एक साहस व एक प्रक्रिया है जो मनुष्य को मनुष्य होने का अहसास करा सके तथा उनकी अंतर्निहित क्षमता को उजागर कर दें ! कहते है कि इंसान की महानता उन बहुत सी चिजो पर निर्भर नहि करती है, जो वह इकठ्ठा करता है बल्कि उन थोडी सी चीजो इज निर्भर है जिनका वह ‘सृजन’ करता है ! “शिक्षा व्यक्ति की चेतना को जागृतकर उसे सृजन योग्य बनाती है” !‍ शिक्षा ही व्यक्ति को समय का सजा, समय का वैदृ व समय का महापुरुष बनाती है !

महाविद्यालय की पत्रिका ‘ऋचा’ आपकी (विद्यार्थियों की) सृजनात्म्क क्षमता की अभिव्यक्ति, आपके विचारों, भावों, एवं, सोच एवं रुचियों का प्रतिबिम्ब एवं महाविद्यालय परिवार की उपलब्धियों, विकास और गौरगाथा का प्रतीक ‘ऋचा’का नवीन संस्करण आपको समर्पित...............

शुभकामनाओं सहित.............

  • ( डॉ. चन्द्रशेखर चौबे )
  • प्राचार्य
  • बी.सी.एस. शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय
  • जिला-धमतरी